वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की हैदराबाद जोनल इकाई ने जीएसटी चोरी के दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑरेंज पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक सुनील कुमार और ट्रिलियन लीड फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक एन. चेतन को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में कथित तौर पर लगभग ₹50 करोड़ के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ है।
गिरफ्तार किए गए सुनील कुमार कांग्रेस पार्टी के बालकोंडा विधानसभा प्रभारी भी हैं। उन पर जीएसटी चोरी में संलिप्त होने का आरोप है, जबकि एन. चेतन पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रैकेट को संचालित करने का आरोप लगाया गया है। डीजीजीआई अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग चल रही थी, लेकिन खुफिया जानकारी मिलने के बाद इन पर कार्रवाई की गई।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल के महीनों में विभिन्न क्षेत्रों में संगठित जीएसटी चोरी नेटवर्क सक्रिय पाए गए हैं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर डीजीजीआई ने विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें फर्जी बिलिंग, कागजी लेनदेन और अवैध रूप से आईटीसी का लाभ उठाने जैसे तरीके सामने आए।
और पढ़ें: डोनाल्ड, मैं आपसे विनती करता हूं: ट्रंप ने टैरिफ को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का उड़ाया मज़ाक
अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी पाया गया कि कुछ कंपनियां बिना वास्तविक आपूर्ति के बिल जारी कर रही थीं और इसके जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ लिया जा रहा था। इस तरह के रैकेट से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा था।
डीजीजीआई ने कहा कि जीएसटी प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने और कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। दोनों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया गया है और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की जा सकती है। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई संभव है।
और पढ़ें: एशेज 5वां टेस्ट, चौथा दिन: जैकब बेथेल का दमदार शतक, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड संकट में