ईरान के पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स प्रमुख मोहसिन रेजाई को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को जारी आदेश के अनुसार, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने रेजाई को परिषद में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वह मोहम्मद बाकिर जोलघद्र की जगह लेंगे, जिन्होंने मार्च में परिषद की जिम्मेदारी संभाली थी।
राष्ट्रपति कार्यालय के संचार एवं सूचना विभाग के उप प्रमुख सैयद मोहम्मद मेहदी तबाताबाई ने इसकी जानकारी दी। बताया गया कि जोलघद्र के इस्तीफे और नई जिम्मेदारी संभालने के बाद मोहसिन रेजाई को परिषद का प्रमुख बनाया गया है।
मोजतबा खामेनेई ने रेजाई के लंबे सैन्य अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि आठ साल के ईरान-इराक युद्ध के दौरान शुरुआती कमांडरों में शामिल रहे रेजाई का अनुभव महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने जोलघद्र के लगातार किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की।
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71 वर्षीय रेजाई वर्ष 1981 से 1997 तक आईआरजीसी के प्रमुख रहे थे। बाद में उन्होंने ईरान में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सैन्य पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वह पहले मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार भी रह चुके हैं।
रेजाई की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। रेजाई ने जुलाई में कहा था कि होर्मुज पर नियंत्रण दर्जनों परमाणु बमों से भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर किसी भी अनधिकृत नियंत्रण की अनुमति नहीं देगा।
होर्मुज से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन होता है। अमेरिका चाहता है कि यह मार्ग सभी जहाजों के लिए खुला रहे, जबकि ईरान अपनी शर्तों पर इसके संचालन पर जोर दे रहा है। ऐसे में रेजाई की नियुक्ति को ईरान के सख्त रणनीतिक रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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