हॉकी इंडिया इस साल होने वाले हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों के लिए अलग-अलग टीम भेजने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है। दोनों बड़े टूर्नामेंट एक-दूसरे के बेहद करीब आयोजित होने वाले हैं, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस को लेकर चुनौती बढ़ गई है।
हॉकी विश्व कप 15 अगस्त से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित होगा, जबकि एशियाई खेल 19 सितंबर से जापान के आइची नागोया में शुरू होंगे। इन दोनों प्रतियोगिताओं के बीच बहुत कम अंतर होने के कारण खिलाड़ियों के लिए लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करना कठिन हो सकता है।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने इस मुद्दे पर कहा कि उनका मुख्य ध्यान एशियाई खेलों पर है, क्योंकि यह टूर्नामेंट 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन का मौका देता है। उन्होंने बताया कि विश्व कप भी महत्वपूर्ण है, लेकिन इतने कम समय में खिलाड़ियों का दो बार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना आसान नहीं होता।
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दिलीप तिर्की ने संकेत दिए कि दोनों टूर्नामेंट के लिए अलग-अलग टीम भेजने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय टूर्नामेंट के नजदीक आने पर लिया जाएगा। चयनकर्ता और मुख्य कोच स्थिति का आकलन कर उचित फैसला करेंगे।
इस रणनीति का उद्देश्य खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम देना और प्रमुख टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय हॉकी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम साबित हो सकता है।
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