अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है। बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला करने का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4:50 बजे अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार आत्मघाती ड्रोन मार गिराए। अधिकारियों ने दावा किया कि ये ड्रोन क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे। इसके बाद अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में एक ड्रोन कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया, जहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी की जा रही थी।
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक कदम बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने आगे भी ऐसे अभियान जारी रखे तो उसका जवाब और ज्यादा “निर्णायक और कड़ा” होगा। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने जिस अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा किया है, उसकी सटीक लोकेशन सार्वजनिक नहीं की गई है।
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इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान “कमजोर स्थिति” में बातचीत कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आगामी मिडटर्म चुनावों के दबाव में अमेरिका कोई जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
करीब तीन महीने से जारी इस संघर्ष का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो पश्चिम एशिया में बड़ा सैन्य संकट पैदा हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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