मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच इज़राइल ने रविवार को ईरान पर अपने हमले तेज कर दिए। इज़राइली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, तेहरान स्थित ईरानी सेना मुख्यालय और पश्चिमी ईरान के तबरीज़ एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया, जिसमें ईरान के कम से कम दो F-5 और F-4 लड़ाकू विमान नष्ट हो गए।
IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि तबरीज़ एयरपोर्ट पर खड़े F-5 और F-4 जेट्स को उस समय निशाना बनाया गया जब वे उड़ान भरने की तैयारी में थे। इज़राइल का कहना है कि इस हमले का उद्देश्य ईरानी वायुसेना की गतिविधियों को कमजोर करना और उसकी हवाई रक्षा क्षमता को और घटाना था।
इससे पहले, संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। इज़राइल ने स्पष्ट किया है कि वह इस्लामी गणराज्य के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। इज़राइल ने अपने अभियान को “ऑपरेशन रोरिंग लायन” नाम दिया है और खामेनेई के तेहरान स्थित कंपाउंड पर सटीक हमले का वीडियो भी जारी किया है।
और पढ़ें: दीपक गुप्ता ने गेल (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का कार्यभार संभाला
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान आवश्यकता अनुसार जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन पिछले 47 वर्षों से “इज़राइल और अमेरिका की मौत” का नारा देता रहा है और गाज़ा, सीरिया सहित अन्य क्षेत्रों में अपने प्रॉक्सी संगठनों को हथियार उपलब्ध कराता रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई से स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन जैसे खाड़ी देशों ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है।
हालांकि, ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।
और पढ़ें: दिल्ली के सर्वोदय विद्यालयों में नर्सरी व कक्षा 1 में दाखिले 2 मार्च से शुरू