झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
छात्र प्रतिनिधि पीयूष कुमार सिंह ने धरनास्थल की स्थिति और देर रात हुई प्रशासनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधी रात के आसपास उपायुक्त (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों का हालचाल जानने आए हैं।
पीयूष के मुताबिक, प्रशासन ने जेएसएससी सीजीएल और जेपीएससी आंदोलन से जुड़े छात्रों से अलग-अलग बातचीत की। जेएसएससी सीजीएल के छात्रों से पूछा गया कि परीक्षा रद्द क्यों की जानी चाहिए, जबकि जेपीएससी से जुड़े छात्रों से कहा गया कि उनकी परीक्षा पहले ही रद्द हो चुकी है और फिर भी वे धरनास्थल पर क्यों बैठे हैं।
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पीयूष ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रशासन छात्रों का हालचाल जानने आया था तो इतनी रात और इतनी बड़ी संख्या में बल के साथ आने की क्या जरूरत थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें लगा कि आंदोलन को धरनास्थल से हटाने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों ने यह भी दावा किया कि रात में कुछ समय के लिए धरनास्थल और आसपास की सड़क की स्ट्रीट लाइट बंद हो गई थी। इससे उन्हें आशंका हुई कि रोशनी बंद कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया जा सकता है।
पीयूष ने बताया कि टेंट के अंदर की लाइट पूरी रात जलती रही। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) की ओर से एक बड़ा जनरेटर लगाया गया था, जबकि छात्रों ने भी छोटा जनरेटर रखा था। छात्रों ने आरोप लगाया कि बड़े जनरेटर को बदलने की बात कही गई थी और उन्हें आशंका थी कि इसे हटाकर बिजली की व्यवस्था प्रभावित की जा सकती है।
छात्र प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार ने वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल को अब तक समय नहीं दिया है। उन्होंने सरकार से बातचीत कर मांगें स्वीकार करने की अपील की।
आंदोलन के दौरान छात्रों की भूख हड़ताल भी जारी है। शुरुआत में चार छात्र अनशन पर बैठे थे। राहुल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अबीबा को पेट में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया।
फिलहाल रूपेश और सविता भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों के अनुसार, दोनों अपने अनशन के नौवें दिन में हैं और केवल पानी का सेवन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द नहीं होती और सीबीआई जांच शुरू नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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