इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक और पहले अध्यक्ष ललित मोदी ने कहा है कि वह वर्ष 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। यह बयान उन्हें स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट (SAFEMA) के अपीलीय न्यायाधिकरण से बड़ी राहत मिलने के बाद आया है। न्यायाधिकरण ने वर्ष 2009 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईपीएल से जुड़े विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकांश निष्कर्षों और लगाए गए जुर्मानों को निरस्त कर दिया।
फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि यह 16 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत है और इससे उनके उस दावे की पुष्टि हुई है कि उन्होंने हमेशा आईपीएल के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा, "आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। 16 वर्षों तक मैंने यह लड़ाई लड़ी और अब सच्चाई सामने आ गई है। न्यायाधिकरण ने मेरे पक्ष में फैसला दिया है। मेरा उद्देश्य हमेशा आईपीएल का हित सुरक्षित रखना था। अब यह अध्याय समाप्त हो चुका है और मैं अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहता हूं।"
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ललित मोदी ने यह भी बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली हैं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बाद वह भारत लौटने की योजना बना रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2009 में आम चुनावों के दौरान सुरक्षा कारणों से आईपीएल का आयोजन भारत के बजाय दक्षिण अफ्रीका में कराया गया था। इसके बाद ईडी ने टूर्नामेंट के वित्तीय लेनदेन में फेमा के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ललित मोदी और अन्य लोगों पर कार्रवाई की थी। हालांकि अब अपीलीय न्यायाधिकरण ने ईडी के अधिकांश निष्कर्षों और दंड को खारिज कर दिया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि न्यायाधिकरण के फैसले के बाद ईडी आगे किसी उच्च अदालत में अपील करेगा या नहीं। वर्ष 2010 में भारत छोड़ने के बाद से ललित मोदी विदेश में रह रहे हैं और उनके खिलाफ कई जांच चलती रही हैं। हाल के वर्षों में वह सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया मंचों पर भी सक्रिय रहे हैं।
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