लियोनेल मेसी ने बेनिन के खिलाफ 3-0 की जीत के बाद अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से भावुक विदाई ली। वहीं, 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस से विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं।
ब्यूनस आयर्स में मेसी के अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान करीब 85 हजार प्रशंसक मौजूद रहे। जीत के बाद भावुक माहौल में मेसी ने टीम और प्रशंसकों का अभिवादन किया। अर्जेंटीना के लिए उनके शानदार करियर और उपलब्धियों को देखते हुए प्रशंसकों ने उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी।
इसके विपरीत, रोनाल्डो का हालिया विवाद पुर्तगाल के राष्ट्रीय शिविर में उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबले में रोनाल्डो को शुरुआती टीम में शामिल नहीं किया गया था। उन्हें मैच के अंतिम 30 मिनट के लिए अभ्यास करने को कहा गया, लेकिन बाद में कोच जॉर्ज जीसस ने उन्हें मैदान पर नहीं उतारा।
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इससे नाराज रोनाल्डो निजी विमान से राष्ट्रीय टीम के शिविर से चले गए। इसके बाद उन्होंने कोच के फैसले पर सवाल उठाए।
रोनाल्डो ने जॉर्ज जीसस से आठ मांगों का उल्लेख किया। इनमें एक मांग यह भी थी कि कोच सार्वजनिक रूप से स्वीकार करें कि पेले या डिएगो माराडोना जैसे स्तर के खिलाड़ी को वार्म-अप कराने के बाद मैदान पर नहीं उतारना गलती थी।
रोनाल्डो का क्लब स्तर पर भी कोचों से विवाद का इतिहास रहा है। 2022 में मैनचेस्टर यूनाइटेड के तत्कालीन कोच एरिक टेन हाग के साथ उनका विवाद हुआ था। बाद में अल-नस्र में भी आंतरिक मतभेदों की खबरें सामने आईं।
रोनाल्डो ने हालांकि स्पष्ट किया है कि वह पुर्तगाल के लिए उपलब्ध हैं। उनके पास यूरो 2016 और दो यूईएफए नेशंस लीग खिताब हैं। वहीं, मेसी ने अर्जेंटीना के साथ विश्व कप जीत सहित कई उपलब्धियों के बाद भावुक विदाई ली है।
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