मिजोरम को वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान केंद्र सरकार की राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा वित्तीय सहायता योजना (एफएएसपीएचआई) के तहत 120 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। यह जानकारी सोमवार को मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने दी।
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली यह राशि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, चिकित्सा ढांचे के विस्तार और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस सहायता से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई विकास कार्यों को गति मिलेगी।
एफएएसपीएचआई योजना का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
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मिजोरम जैसे पहाड़ी और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एक बड़ी आवश्यकता है। राज्य के कई दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता से ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मिली इस सहायता को स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
मिजोरम सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। अधिकारियों के अनुसार, एफएएसपीएचआई योजना के तहत मिलने वाली सहायता से स्वास्थ्य क्षेत्र में नई परियोजनाओं को लागू करने और मौजूदा सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर राज्यों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए इस तरह की केंद्रीय सहायता बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की राज्य की क्षमता भी बढ़ेगी।
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