मुंबई में भारी बारिश के बाद कई इलाकों की सड़कों पर गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। इसी बीच सियॉन के प्रतीक्षा नगर इलाके का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सड़क पर एक बड़ा गड्ढा नजर आ रहा है। इस घटना के बाद शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेताओं ने नगर निगम और प्रशासन के कामकाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय नेताओं का दावा है कि जिस सड़क पर गड्ढा हुआ है, उसका निर्माण हाल ही में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। वीडियो में एक व्यक्ति गड्ढे के अंदर पैर लटकाकर बैठा हुआ भी दिखाई दे रहा है। शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि बारिश शुरू होते ही सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आ गई है।
हालांकि, गुरुवार मुंबई के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। इससे पहले लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने, ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेन सेवाओं में व्यवधान जैसी समस्याएं सामने आई थीं।
और पढ़ें: उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई वरिष्ठ अफसरों को मिली अहम जिम्मेदारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में दिनभर सामान्य रूप से बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अनुसार, कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली चमकने, गरज और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बीएमसी के मुताबिक, गुरुवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में मुंबई शहर में औसतन 14.21 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी उपनगरों में 39.37 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 28.85 मिमी बारिश हुई।
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं, मेट्रो और बेस्ट बस सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। हालांकि यात्रियों ने कुछ लोकल ट्रेनों के 5 से 10 मिनट देरी से चलने की शिकायत की है।
भारी बारिश के कारण कुछ उड़ानों को भी नजदीकी हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया था, लेकिन बाद में सभी उड़ानें मुंबई हवाई अड्डे पर लौट आईं। शहर की जल आपूर्ति करने वाली झीलों में शामिल तुलसी झील भी भारी बारिश के बाद ओवरफ्लो हो गई। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
और पढ़ें: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का कहर: सात लोगों की मौत, पश्चिमी जिलों के लिए आईएमडी ने जारी किया रेड अलर्ट