प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को एनडीए संसदीय दल की बैठक में गठबंधन के नेताओं और सांसदों से कहा कि विभिन्न चुनावों में मिल रही जीत से आत्मसंतुष्ट न हों और जनता के लिए किए जा रहे कार्यों को उसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कहा कि एनडीए की लगातार चुनावी सफलताएं जनहितैषी नीतियों और जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत का परिणाम है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों को स्पष्ट संदेश दिया कि स्थानीय निकायों सहित अलग-अलग चुनावों में मिली सफलता के बावजूद पार्टी को जमीन से जुड़े रहना होगा। उन्होंने कहा कि केवल चुनावी जीत ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करना जरूरी है।
बैठक के दौरान एनडीए नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को 39 देशों के साथ व्यापार समझौते सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सम्मानित किया। रिजिजू ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर लगाया गया पारस्परिक शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।
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उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 39 देशों के साथ व्यापार समझौते हुए हैं। ये सभी विकसित देश हैं और यह अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। देश में इसको लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।”
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को समझाया कि सरकार हर निर्णय भारत के हित में लेती है, चाहे वह व्यापार समझौता हो या बजट। उन्होंने दावा किया कि भारत-अमेरिका और भारत-यूरोप व्यापार समझौतों का श्रेय प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति को जाता है और इससे छोटे व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा।
बैठक में प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को संसदीय कार्यों और जनकल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में नए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का औपचारिक स्वागत किया गया। एनडीए के घटक दलों—भाजपा, टीडीपी, जद(यू), लोजपा (रामविलास), शिवसेना, जद(एस) सहित कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री इस बैठक में शामिल हुए।
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