ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज निक मैडिनसन ने करीब 10 साल बाद अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, लेकिन उनका कमबैक निराशाजनक रहा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में वह 33 गेंदों का सामना करने के बाद बिना खाता खोले आउट हो गए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज के तौर पर बिना रन बनाए आउट होने से पहले सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का अनचाहा रिकॉर्ड बना दिया।
मैडिनसन ने नवंबर 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट दिसंबर 2016 में खेला था। लगभग एक दशक बाद उन्हें फिर ऑस्ट्रेलियाई टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। हालांकि, उनकी वापसी यादगार नहीं बन सकी। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मार्को यानसन ने पहले दिन 11वें ओवर में उनकी पारी समाप्त कर दी।
इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के नाम था। वह 2022 की एशेज सीरीज के दौरान 22 गेंदों का सामना करने के बाद बिना रन बनाए आउट हुए थे। टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजों के सबसे लंबे शून्य के मामलों में मैडिनसन की पारी भी शामिल हो गई। न्यूजीलैंड के डैरिन मरे ने 1995 में श्रीलंका के खिलाफ 39 गेंदें खेलकर शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड बनाया था। वहीं, जिम्बाब्वे के ट्रेवर ग्रिपर 2000 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 36 गेंदों का सामना करने के बाद आउट हुए थे।
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मैडिनसन को चौथे ओवर में जीवनदान भी मिला था। दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर की एलबीडब्ल्यू अपील पर मेजबान टीम ने रिव्यू नहीं लिया। इसके बाद यानसन ने उन्हें पवेलियन भेज दिया।
कैंसर से उबरकर मैदान पर वापसी
मैडिनसन की वापसी व्यक्तिगत संघर्ष के बाद हुई है। अप्रैल 2025 में उन्हें वृषण कैंसर का पता चला था, जो फेफड़ों और लिम्फ नोड्स तक फैल गया था। उन्होंने कीमोथेरेपी कराई और जुलाई 2025 में इलाज पूरा किया। सितंबर में चिकित्सकीय मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने अभ्यास शुरू किया। घरेलू क्रिकेट में न्यू साउथ वेल्स के लिए विक्टोरिया के खिलाफ वनडे कप मैच में उन्होंने 126 रन बनाए थे।
इस टेस्ट में वापसी के साथ मैडिनसन ने दो टेस्ट मुकाबलों के बीच 88 टेस्ट मैचों का अंतर भी दर्ज किया, जो ऑस्ट्रेलिया के लिए एक और रिकॉर्ड है।
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