जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में मारे गए दो प्रवासी मजदूरों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे "कायराना" और "बेतुका" हमला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के निकटतम परिजनों को सहायता राशि देने का ऐलान किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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गौरतलब है कि शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी। इस हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। शनिवार को इलाज के दौरान उसने श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) में दम तोड़ दिया।
दोनों मृतक मजदूरों की उम्र 20 वर्ष के आसपास थी और वे छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे।
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में आए मजदूरों को निशाना बनाना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि पहले भी पहलगाम और अनंतनाग में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी आतंकी हमले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत कर आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, टीआरएफ को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, यही संगठन इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले में भी शामिल था। संगठन ने भविष्य में और हमलों की धमकी भी दी है।
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