नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात एक और वीडियो संदेश जारी कर युवाओं और देशवासियों का आभार व्यक्त किया। लगातार दूसरे दिन साझा किए गए इस वीडियो में उन्होंने लोगों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार सकारात्मक संवाद बनाए रखेगी।
प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कहा, "दोस्तों, कल रात आप सभी से मिलने का अवसर मिला। मेरे वीडियो को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। आप सभी ने जो महत्वपूर्ण और सार्थक सुझाव दिए, उसके लिए धन्यवाद। हम इसी तरह सकारात्मक तरीके से जुड़े रहेंगे।"
इससे पहले गुरुवार को जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक के मामलों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा था कि ऐसे अपराध लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नीट मामले में कई कदम उठाए हैं, लेकिन वह अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। इसी कारण संबंधित अधिकारियों को पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सफलतापूर्वक आयोजित नीट पुनर्परीक्षा के लिए संबंधित एजेंसियों की भी सराहना की।
और पढ़ें: ईरानी जलक्षेत्र में एलपीजी टैंकर पर हमला, 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित: भारतीय दूतावास
प्रधानमंत्री के बयान के एक दिन बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले नए विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। यह प्रस्ताव सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की जगह लेने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रस्तावित कानून के तहत दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
हालांकि, इस मसौदा विधेयक के बावजूद सीजेपी और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में व्यापक सुधारों की प्रक्रिया अगले एक-दो महीनों में पूरी की जाएगी।
और पढ़ें: काला सागर में व्यावसायिक जहाज पर हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा