क़तर की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप में एक अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। टीम एक ही टूर्नामेंट में दो आत्मघाती गोल करने वाली दुनिया की केवल तीसरी टीम बन गई है। इससे पहले यह शर्मनाक रिकॉर्ड बुल्गारिया (1966) और रूस (2018) के नाम दर्ज था।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में क़तर का अभियान बेहद निराशाजनक रहा। बुधवार को ग्रुप ए के अपने अंतिम मैच में क़तर को बोस्निया-हर्जेगोविना से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही क़तर का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया और टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी।
इस मैच में एक बार फिर क़तर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनी, जब गोलकीपर महमूद अबुनादा की गलती से गेंद अपने ही गोल में चली गई और यह एक आत्मघाती गोल बन गया। इससे पहले भी क़तर ने कनाडा के खिलाफ मैच में मिडफील्डर मोहम्मद मनाई की गलती से आत्मघाती गोल खाया था।
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इस तरह क़तर फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में एक ही टूर्नामेंट में दो आत्मघाती गोल करने वाली केवल तीसरी टीम बन गई। साथ ही, यह रिकॉर्ड हासिल करने वाली पहली एशियाई टीम भी बन गई है।
ग्रुप ए के इस अंतिम मैच में क़तर को 1-3 से हार मिली, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना ने जीत दर्ज की। हालांकि जीत के बावजूद बोस्निया की टीम राउंड ऑफ 32 में जगह नहीं बना सकी, लेकिन फीफा ने पुष्टि की है कि वे सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली आठ टीमों में शामिल होकर आगे बढ़े हैं।
मैच के बाद बोस्निया के कोच सर्जेई बार्बारेज़ ने कहा कि टीम ने इतिहास रचने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी भावुक थे और टीम आगे के चरण में जाने को लेकर स्थिति का इंतजार कर रही है।
क़तर के लिए यह विश्व कप निराशा और गलतियों से भरा रहा, जिसमें आत्मघाती गोलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।
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