संसद के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार को एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि यह कदम उत्तर और दक्षिण भारत के बीच असंतुलन पैदा कर सकता है। विपक्ष का दावा है कि दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों की राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। हालांकि, विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन इसके लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के तहत लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाकर 815 की जाएंगी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके साथ ही एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा और विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी आश्वासन दिया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों की सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी।
इस बीच, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल उठाया कि वर्तमान 543 सीटों में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दिया गया। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए भी आरक्षण की मांग की।
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