दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग (EOW) ने शनिवार, 16 मई 2026 को एक बड़े फर्जी जीएसटी (GST) कांड का पर्दाफाश किया। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने कई शेल कंपनियों और फर्जी इनवॉइस नेटवर्क के माध्यम से ₹128 करोड़ की ठगी की।
आधिकारिक बयान में ईओडब्ल्यू ने बताया कि आरोपी फर्जी कंपनियों का संचालन करते थे और बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के फर्जी जीएसटी इनवॉइस बनाकर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाते थे। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
इस रैकेट में शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें रैकेट के मुख्य संचालक और सहयोगी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज तैयार करता रहा।
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EOW ने यह भी कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जो आगे की जांच में मदद करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच जारी है और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
आर्थिक अपराधों की जांच में सक्रिय ईओडब्ल्यू का कहना है कि इस तरह के मामलों से जीएसटी प्रणाली में विश्वास बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़ा या टैक्स धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने न केवल राजधानी दिल्ली में बल्कि पूरे देश में कर प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी के महत्व को उजागर किया है।
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