26 दिन लंबे अनशन को समाप्त करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना पहला वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि उन्होंने सरकार से मिले आश्वासनों के बाद अपना उपवास खत्म करने का फैसला क्यों लिया। उन्होंने इसे "अनशन का अंत, जवाबदेही की शुरुआत" बताया।
करीब तीन मिनट के इस वीडियो में सोनम वांगचुक ने अस्पताल के बिस्तर से अपनी बात रखते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्हें भरोसा मिला कि परीक्षा प्रणाली में हो रही खामियों और जवाबदेही के मुद्दे पर संसद में चर्चा की जाएगी।
वांगचुक ने कहा कि सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसदों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि देश की कमजोर होती परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने के मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालिया नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का भी सरकार ने भरोसा दिया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे। वांगचुक ने कहा कि इन्हीं आश्वासनों के बाद उन्होंने अपना 26 दिन का अनशन समाप्त किया।
इससे पहले गुरुवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद वांगचुक ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या अपनाएं और जल्द अपना स्वास्थ्य सुधारें। प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
जेपी नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और अन्य लोगों की मौजूदगी में कहा कि सरकार संसद में पेपर लीक और परीक्षा सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि नीट पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार सकारात्मक विचार कर रही है।
वांगचुक ने यह भी बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया था। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।
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