ताइपे ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की युवा शटलर तान्वी शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एकल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। महज 17 वर्षीय तान्वी ने सेमीफाइनल में मेजबान चीनी ताइपे की खिलाड़ी हुआंग यू-ह्सुन को सीधे गेमों में हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। उनकी इस जीत ने भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों में उत्साह भर दिया है।
सेमीफाइनल मुकाबले में तान्वी शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहला गेम 21-17 से अपने नाम किया और इसके बाद दूसरे गेम में भी अपने प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। तान्वी ने दूसरा गेम 21-11 से जीतकर मुकाबला सीधे गेमों में समाप्त किया और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
अब फाइनल में तान्वी शर्मा का सामना वियतनाम की विश्व रैंकिंग में 21वें स्थान पर काबिज थुई लिन्ह गुयेन से होगा। गुयेन अनुभवी खिलाड़ी हैं और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ऐसे में फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। भारतीय प्रशंसकों को तान्वी से खिताब जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं।
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वहीं, भारत की एक अन्य युवा खिलाड़ी उन्नति हुड्डा का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। उन्हें थुई लिन्ह गुयेन के खिलाफ 15-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। उन्नति ने दूसरे गेम में वापसी की कोशिश की, लेकिन वह मैच को निर्णायक गेम तक नहीं ले जा सकीं।
तान्वी शर्मा का फाइनल में पहुंचना भारतीय बैडमिंटन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कम उम्र में उनका लगातार बेहतरीन प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारत के पास भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मजबूत फौज तैयार हो रही है। यदि तान्वी फाइनल में जीत दर्ज करती हैं, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब होगा और भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का क्षण साबित होगा।
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