तत्काल टिकटों की अनधिकृत बिक्री और रेलवे आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग के खिलाफ रेलवे की कार्रवाई तेज हुई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि वर्ष 2023 से जून 2026 तक भारतीय रेलवे में आरक्षण प्रणाली से जुड़े अपराधों के मामले में 13,580 दलालों और 65 रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया।
यह जानकारी स्वतंत्र सांसद पटेल उमेशभाई बाबूभाई के सवाल के लिखित जवाब में दी गई। सांसद ने तत्काल टिकटों की अनधिकृत बिक्री में रेलवे कर्मचारियों और दलालों के कथित गठजोड़ तथा पश्चिम रेलवे क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर सरकार से कार्रवाई का विवरण मांगा था।
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत अनधिकृत टिकट बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि 2023 से 2025 और जून 2026 तक कुल 65 रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें पश्चिम रेलवे के नौ कर्मचारी शामिल हैं।
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इसी अवधि में रेलवे ने 13,580 टिकट दलालों को भी गिरफ्तार किया। इन लोगों के खिलाफ भी रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। रेलवे के मुताबिक, तत्काल टिकटों की बुकिंग में हेरफेर और आरक्षण व्यवस्था का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
सरकार ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) नियमित जांच और विशेष अभियान चलाता है। इन अभियानों का उद्देश्य अनधिकृत टिकट बिक्री करने वालों की पहचान करना और यात्रियों के लिए आरक्षण व्यवस्था को सुरक्षित बनाना है।
लोकसभा में पश्चिम रेलवे के स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर और फुट ओवरब्रिज की स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। रेल मंत्री ने बताया कि पश्चिम रेलवे के 46 स्टेशनों पर 191 एस्केलेटर और 86 स्टेशनों पर 240 लिफ्ट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी लिफ्ट, एस्केलेटर या फुट ओवरब्रिज स्थायी रूप से बंद नहीं है। रखरखाव या मरम्मत के दौरान अस्थायी रूप से बंद होने पर यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहती है।
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