उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को अंकिता भंडारी हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की सिफारिश की है। इस घोषणा से पहले राज्य में दो सप्ताह से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
अंकिता भंडारी, जो उत्तराखंड में होटल उद्योग से जुड़ी थीं, की हत्या ने पूरे राज्य में गहरा सदमा और आक्रोश पैदा कर दिया। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर लंबे समय तक धरने और प्रदर्शन किए। विरोध प्रदर्शनों का मुख्य कारण पुलिस जांच में कथित ढिलाई और संदिग्धों के प्रभाव को लेकर जनता की नाराजगी थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह निर्णय राज्य में कानून-व्यवस्था और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया। उन्होंने कहा कि CBI की जांच से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित होगी। इससे न केवल मृतक के परिवार को न्याय मिलेगा, बल्कि समाज में विश्वास भी बहाल होगा।
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इस सिफारिश के बाद, राज्य सरकार और केंद्र दोनों के अधिकारियों ने मामले को CBI को सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि CBI की जांच से मामले में शामिल किसी भी उच्चस्तरीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष निर्णय लिया जा सकेगा।
राज्यभर में दो सप्ताह तक चलने वाले विरोध प्रदर्शन में कई नागरिक और छात्र संगठन सक्रिय रूप से शामिल हुए। उन्होंने आरोपियों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने की मांग की। मुख्यमंत्री की यह सिफारिश विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य में शांति बहाल करने में भी मदद करेगी।
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