विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान दावोस में भारत की अब तक की सबसे बड़ी और विविध राजनीतिक मौजूदगी देखने को मिली। सोमवार (19 जनवरी, 2026) को विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और 10 राज्यों के शीर्ष नेताओं ने एक मंच पर एकत्र होकर भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और निवेश संभावनाओं की सराहना की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत पहले ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले 2–3 वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत दूसरे स्थान पर भी आ सकता है। नायडू ने कहा, “हम दिग्गज देशों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, लेकिन भारत एक सोया हुआ महाशक्ति है। अगर हम जाग गए, तो 2047 तक दुनिया में नंबर एक बन सकते हैं।”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति सहित अन्य पहलों से असम को बड़ा लाभ मिला है और राज्य देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि असम का समय आ चुका है और निवेशकों को राज्य के विकास का भागीदार बनना चाहिए।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारंपरिक ‘जोहार’ अभिवादन के साथ सभी राज्यों को बधाई दी और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
इंडिया पवेलियन के उद्घाटन के बाद नेताओं ने अपने विचार रखे। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि जब दुनिया की रफ्तार धीमी हुई, तब भारत ने तेजी पकड़ी और यह विकास यात्रा लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य आगे बढ़ता है, तो पूरा देश आगे बढ़ता है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार के ठोस प्रयासों से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक के मंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्यों की निवेश नीतियों और विकास योजनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।
कर्नाटक के मंत्री एम. बी. पाटिल ने कहा कि दावोस में भारत की मजबूत मौजूदगी दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत सिर्फ वैश्विक विकास में भाग नहीं ले रहा, बल्कि उसका नेतृत्व कर रहा है।
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