पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के राष्ट्रीय टीम का शिविर बीच में छोड़ने के विवाद के बीच फ्रांस के पूर्व फुटबॉलर और कोच जिनेदिन जिदान उनके समर्थन में सामने आए हैं। जिदान ने रोनाल्डो को फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में से एक बताते हुए उनके शानदार करियर की सराहना की।
फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल के अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि रोनाल्डो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, टीम में बदलाव और जॉर्ज जीसस के कोच बनने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की।
रोनाल्डो को नेशंस लीग मुकाबलों में खेलना था, लेकिन टीम प्रबंधन के साथ कथित मतभेद के बाद उन्होंने शिविर समय से पहले छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने संचार में कमी और राष्ट्रीय टीम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर बयान दिया।
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जिदान ने रोनाल्डो का बचाव करते हुए कहा कि वह महानतम खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने रियल मैड्रिड के कोच के रूप में रोनाल्डो के साथ अपने अनुभव को भी याद किया। जिदान के कार्यकाल में रियल मैड्रिड ने लगातार तीन चैंपियंस लीग खिताब जीते थे और इन सफलताओं में रोनाल्डो की अहम भूमिका रही थी।
जिदान ने कहा कि रोनाल्डो ने उन्हें शानदार ट्रॉफियां जीतने में मदद की और वह उनके साथ काम करने के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने रोनाल्डो के पूरे करियर के लिए सम्मान व्यक्त किया।
हालांकि, ब्रागा के अध्यक्ष एंटोनियो साल्वाडोर ने रोनाल्डो के फैसले पर अलग राय रखी। उन्होंने रोनाल्डो को पुर्तगाली फुटबॉल का दिग्गज और अब तक का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बताया, लेकिन राष्ट्रीय टीम का शिविर बीच में छोड़ने के उनके रवैये को उचित नहीं माना।
साल्वाडोर ने कहा कि रोनाल्डो टीम के कप्तान थे और मतभेद होने के बावजूद बीच में राष्ट्रीय टीम छोड़ना सोच-समझकर लिया गया फैसला नहीं लगता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें रोनाल्डो और टीम प्रबंधन के बीच मतभेदों की पूरी जानकारी नहीं है।
इस तरह रोनाल्डो के फैसले पर फुटबॉल जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जहां जिदान ने उनके योगदान का बचाव किया, वहीं साल्वाडोर ने कप्तान के तौर पर उनके रवैये पर सवाल उठाए।
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