भारतीय जैवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज चोपड़ा डायमंड लीग फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर रहे। स्वीडन के खिलाड़ी वेबर ने अपनी पहली ट्रॉफी जीतकर प्रतियोगिता का खिताबी बाज़ी हासिल की।
प्रतियोगिता की शुरुआत में नीरज चोपड़ा ने अपनी पहली थ्रो 84.35 मीटर की फेंक के साथ प्रदर्शन किया और शुरुआत में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने लगातार अच्छे प्रयास किए, लेकिन शीर्ष स्थान पर रहने के लिए उन्हें अंतिम प्रयास में और बेहतर प्रदर्शन की जरूरत थी।
अंतिम दौर में नीरज चोपड़ा ने 85.01 मीटर की थ्रो फेंककर अपना स्थान सुधार लिया और दूसरे स्थान पर पहुँच गए। इस प्रयास ने उन्हें 2012 लंदन ओलंपिक्स के स्वर्ण पदक विजेता केशॉर्न वालकोट को पीछे छोड़ने में मदद की।
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वेबर, जिन्होंने फाइनल में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, ने ट्रॉफी अपने नाम की और पहली बार डायमंड लीग फाइनल में जीत हासिल की। उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया और सभी प्रतियोगियों को पीछे छोड़ दिया।
नीरज चोपड़ा के प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का पल प्रस्तुत किया। उनकी फोकस, धैर्य और तकनीक ने उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन आने वाले ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए उत्साहवर्धक संकेत है।
नीरज की मेहनत और लगन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाई है, और यह भविष्य में उनके और अधिक पदक जीतने की संभावना को बढ़ाता है।
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