भारतीय बैडमिंटन की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वियों, मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक को हराकर विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भारत के लिए पदक पक्का कर लिया है। इस जीत के साथ सात्विक-चिराग की जोड़ी ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है और अब कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया है।
यह सात्विक और चिराग का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दूसरा पदक होगा। इससे पहले उन्होंने 2022 में कांस्य पदक जीता था। इस सफलता के साथ भारत ने 2011 से अब तक विश्व चैम्पियनशिप में लगातार पदक जीतने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने महिला युगल में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए इस श्रेणी में पहली बार पदक दिलाया था।
क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सात्विक-चिराग की जोड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए चिया-सोह की मजबूत जोड़ी को सीधे गेम में हराया। यह जीत न केवल भारत के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह भी साबित करती है कि भारतीय युगल बैडमिंटन अब दुनिया के शीर्ष स्तर पर मजबूती से खड़ा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि सात्विक-चिराग की यह लय उन्हें फाइनल तक ले जा सकती है। दोनों खिलाड़ी अपने आक्रामक खेल और शानदार कोर्ट कवरेज के लिए मशहूर हैं। आने वाले मैचों में उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद भी की जा रही है।
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