क्यूपर्टिनो स्थित तकनीकी दिग्गज एप्पल भारत में अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है, जबकि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध कुछ तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि एप्पल भारत को सिर्फ एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि रणनीतिक विस्तार के केंद्र के रूप में देख रहा है।
एप्पल ने सबसे पहले भारत के वित्तीय और राजनीतिक केंद्रों में अपने स्टोर खोले, इसके बाद बेंगलुरु और पुणे जैसे तकनीकी और व्यापारिक हब में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रणनीति से कंपनी न केवल उत्पाद बिक्री बढ़ाना चाहती है, बल्कि भारतीय बाजार में ब्रांड की पहचान और ग्राहक अनुभव को भी मजबूत करना चाहती है।
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापारिक और तकनीकी मुद्दों ने कुछ अनिश्चितता पैदा की है, फिर भी एप्पल ने भारत में निवेश और विस्तार की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। इस प्रकार के विस्तार से न केवल उपभोक्ताओं को सीधे सेवा मिलने की संभावना बढ़ती है, बल्कि स्थानीय रोजगार और आपूर्ति श्रृंखला को भी लाभ मिलता है।
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भारत में एप्पल के रिटेल विस्तार से यह संकेत मिलता है कि कंपनी लंबी अवधि की रणनीति के तहत भारतीय बाजार में गहरी जड़ें जमाना चाहती है। इसके अलावा, यह कदम एप्पल की वैश्विक व्यापार रणनीति और अमेरिका-भारत आर्थिक सहयोग को भी प्रभावित कर सकता है।
सामग्री और सेवाओं के क्षेत्र में एप्पल का यह विस्तार भारतीय बाजार में तकनीकी प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगा और उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगा।
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