यौन उत्पीड़न मामले में सहायक प्रोफेसर पर कार्रवाई को दिल्ली उच्च न्यायालय की मंजूरी जुर्म दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर की अनिवार्य सेवानिवृत्ति को उचित ठहराया। छात्रों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को “अशोभनीय आचरण” बताया।
4 मई, दीदी गईं : पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद ममता बनर्जी की सरकार पर बड़ा उलटफेर, बीजेपी सत्ता के करीब देश