जाति गणना के लिए भाषाई और सांस्कृतिक संकेत हो सकते हैं निर्णायक: प्रो. जी. एन. देवि देश प्रो. जी. एन. देवि ने भाषाई और सांस्कृतिक संकेतों के आधार पर जातियों की सटीक गणना करने का सुझाव दिया, जिससे डिनोटिफाइड ट्राइब्स सहित सभी समूह शामिल होंगे।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की नई पहल: विशेष इंजीनियरिंग कोर्सेस के लिए शुरू होगी अंडरग्रैजुएट स्कूल देश
संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने मिनाब स्कूल पर हमले को अमेरिका और इज़राइल द्वारा जानबूझकर और इरादतन किया गया युद्ध अपराध बताया विदेश