दक्षिण भारतीय सिनेमा की महान पार्श्व गायिका एस. जानकी का शनिवार (11 जुलाई 2026) को कर्नाटक के मैसूरु में निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं। अपनी सुरीली और बहुमुखी आवाज से लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाली एस. जानकी ने भारतीय संगीत जगत में अमिट छाप छोड़ी।
परिवार के सूत्रों के अनुसार, शनिवार तड़के स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उन्हें मैसूरु स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कुछ वर्षों से वह मैसूरु के बोगादी इलाके में रह रही थीं।
कर्नाटक सरकार ने एस. जानकी के अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला किया है। उनकी पार्थिव देह को आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए मैसूरु के महाराजा कॉलेज मैदान में रखा जाएगा। इसके बाद रविवार (12 जुलाई 2026) शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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एस. जानकी भारतीय संगीत की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में हजारों गाने गाए। उनकी आवाज में ऐसी विविधता थी कि उन्होंने अलग-अलग उम्र, भावनाओं और शैलियों के गीतों को अपनी आवाज दी।
अपने लंबे संगीत करियर में एस. जानकी ने दक्षिण भारत के लगभग हर बड़े संगीत निर्देशक के साथ काम किया। उन्होंने एस. राजेश्वर राव, के.वी. महादेवन, एम.एस. विश्वनाथन, पी. दक्षिणामूर्ति, इलैयाराजा और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गज संगीतकारों के निर्देशन में गीत गाए।
एस. जानकी ने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी समेत कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनकी गायकी की खासियत भावनाओं की गहराई और सुरों पर बेहतरीन पकड़ थी।
उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर है। प्रशंसकों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि एस. जानकी की आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
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