मणिपुर पुलिस ने "ऑपरेशन डिग्निटी" के तहत एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 13 लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर आरोप है कि वे टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से गैर-सहमति वाले अश्लील कंटेंट को साझा करने के साथ-साथ उससे अवैध कमाई भी कर रहे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कई टेलीग्राम समूहों के ज़रिए संचालित हो रहा था, जहां बिना सहमति के बनाए गए अश्लील वीडियो और तस्वीरें सब्सक्रिप्शन के आधार पर बेची जा रही थीं। साइबर क्राइम सेल को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर शक था, जिसके बाद तकनीकी निगरानी और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के ज़रिए आरोपियों की पहचान की गई।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री के अवैध प्रसार को लेकर चिंता बढ़ रही है। महिला अधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि इस तरह के डिजिटल अपराधों पर और सख्त कानूनी कार्रवाई की ज़रूरत है, खासकर तब जब पीड़ितों की सहमति के बिना उनकी निजी सामग्री का व्यावसायिक दुरुपयोग किया जा रहा हो।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के और कितने सदस्य सक्रिय हैं और कंटेंट कहां-कहां से साझा किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गिरोह के तार राज्य के बाहर भी फैले हुए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस तरह के अवैध कंटेंट की जानकारी मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचित करें।
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