आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा कि इस तकनीक का रोजगार पर कुल प्रभाव सकारात्मक रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि एआई के कारण कुछ क्षेत्रों में नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन कुल मिलाकर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुंबई स्थित आरबीआई मुख्यालय में पूनम गुप्ता ने कहा कि एआई के बढ़ते उपयोग के साथ सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप ढालने की होगी। उन्होंने बताया कि आरबीआई ने हाल ही में उत्पादकता और रोजगार पर एआई के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए एक सर्वे किया है। इस सर्वे के अनुसार अभी तक नौकरियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं देखा गया है।
पूनम गुप्ता ने कहा कि उत्पादकता के मामले में आंकड़े काफी सकारात्मक हैं और अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू सर्वे भी अब तक रोजगार पर एआई के शुद्ध सकारात्मक प्रभाव की ओर संकेत करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि नई तकनीकों के आने से नौकरी बाजार में बदलाव और प्रतिस्पर्धा बढ़ना स्वाभाविक है।
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उन्होंने कहा कि कुछ नौकरियां खत्म होंगी तो नई नौकरियां भी पैदा होंगी। इसलिए सबसे बड़ी चुनौती इस बदलाव के दौर को सुचारू रूप से संभालने की है। इसके लिए कौशल विकास और श्रम बाजार को तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के अनुसार ढालना जरूरी होगा।
इसी बीच डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए आरबीआई ने बैंक ग्राहकों के लिए राहत की घोषणा की है। अब ग्राहकों को धोखाधड़ी वाले लेन-देन पर अधिकतम 25,000 रुपये तक मुआवजा मिलेगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह मुआवजा उन मामलों में भी मिलेगा जहां ग्राहक ने धोखेबाजों के साथ वन टाइम पासवर्ड साझा किया हो।
यह मुआवजा 85,000 करोड़ रुपये के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड से दिया जाएगा। ग्राहकों को यह सुविधा जीवन में केवल एक बार मिलेगी, बशर्ते किसी भी प्रकार की गलत नीयत साबित न हो।
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