टायर निर्माता कंपनी एमआरएफ (MRF) ने दिसंबर 2025 तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए अपने निवेशकों के लिए दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि उसकी समेकित शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में दोगुनी वृद्धि हुई है और यह 692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 315 करोड़ रुपये था।
कंपनी की परिचालन आय भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। दिसंबर तिमाही में एमआरएफ की आय 8,050 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,001 करोड़ रुपये थी। कंपनी के अनुसार, ओरिजिनल इक्विपमेंट (OE) और रिप्लेसमेंट दोनों सेगमेंट में मजबूत मांग के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई।
एमआरएफ ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी के बाद मांग में तेजी आई है, जिसका फायदा कंपनी को मिला है। इसके अलावा अच्छे और व्यापक मानसून के चलते ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ, जिससे टायरों की मांग बढ़ी। कंपनी को उम्मीद है कि जीएसटी में कमी से बनी मांग चौथी तिमाही में भी जारी रहेगी।
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कंपनी ने यह भी कहा कि अंतिम तिमाही में बिक्री बढ़ने की उम्मीद के कारण वाहन निर्माता कंपनियां उत्पादन बढ़ा सकती हैं। सरकार द्वारा बजट में बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की घोषणा से वाणिज्यिक वाहनों की मांग बढ़ेगी, जिससे टायर उद्योग को फायदा मिलेगा। साथ ही, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका सहित विभिन्न देशों के साथ हो रहे व्यापार समझौते भविष्य में निर्यात के नए अवसर खोलेंगे।
MRF डिविडेंड 2026
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 31 मार्च 2026 के लिए 3 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (30%) का दूसरा अंतरिम डिविडेंड मंजूर किया है।
रिकॉर्ड डेट
डिविडेंड पाने के पात्र शेयरधारकों के निर्धारण के लिए 13 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
भुगतान तिथि
यह अंतरिम डिविडेंड 27 फरवरी 2026 या उसके बाद भुगतान किया जाएगा।
बीएसई पर शुक्रवार को एमआरएफ का शेयर 8.57% बढ़कर 1,46,495.05 रुपये पर बंद हुआ।
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