राम मंदिर ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों और पहले सीईओ की नियुक्ति के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के सामने बड़ी चुनौती है और नई नियुक्तियों के साथ बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी आई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार का फैसला है और ट्रस्ट अपने स्तर पर भी निर्णय लेता है। उन्होंने दावा किया कि आस्था से अधिक विश्वसनीयता को महत्व दिए जाने की जरूरत है। अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने आस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में ट्रस्ट में नियुक्त किए गए लोगों के सामने बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी।
इससे पहले बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया। वहीं, ट्रस्ट के पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके जितेंद्र मिश्रा का चयन तीन उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट में से किया गया। ट्रस्ट की चयन समिति ने 5,585 आवेदनों की जांच के बाद अंतिम उम्मीदवारों का चयन किया था। शॉर्टलिस्ट में मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह बिष्ट और श्रुति हरद्वारी के नाम भी शामिल थे।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या निवासी अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। ट्रस्ट की बैठक दो सत्रों में हुई और नए ट्रस्टियों ने दूसरे सत्र में ऑनलाइन भाग लिया।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन को लेकर विवाद सामने आया था। इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी और चंपत राय के महासचिव पद से इस्तीफे की बात सामने आई थी।
मदन मोहन पांडेय अयोध्या के रहने वाले अधिवक्ता हैं और राम मंदिर से जुड़े मुकदमों में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी कर चुके हैं। डॉ. निर्मला यादव लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हैं और बीडीएम डिग्री कॉलेज, शिकोहाबाद तथा एमजी डिग्री कॉलेज, फिरोजाबाद की प्राचार्य रह चुकी हैं।
महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में अशोक सिंघल फाउंडेशन से जुड़े हैं। उन्हें 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भी आमंत्रित किया गया था।
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