आंध्र प्रदेश के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायण ने बुधवार को अमरावती राजधानी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्देश दिया कि मानसून के दौरान आने वाली चुनौतियों के बावजूद सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
समीक्षा बैठक में अमरावती विकास निगम की अध्यक्ष डी. लक्ष्मीपार्थसारथी, मुख्य अभियंता गोपाल कृष्ण रेड्डी और कई वरिष्ठ इंजीनियर मौजूद रहे। बैठक में सरकारी भवनों, सड़क नेटवर्क और भूमि समेकन योजना (एलपीएस) के तहत विकसित किए जा रहे क्षेत्रों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री नारायण ने सभी ठेकेदारों से परियोजना-वार रिपोर्ट मांगी और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बारिश के कारण होने वाली संभावित रुकावटों को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। निर्माण स्थलों पर जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि अमरावती राजधानी परियोजना राज्य के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी विभागों और निर्माण एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए ताकि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।
वहीं, दूसरी ओर अमरावती क्षेत्र के किसानों ने गांवों से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया है। किसानों ने बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों के समाधान की मांग की है। सरकार की ओर से इन समस्याओं पर ध्यान देने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रमुख परियोजनाएं तय समय पर पूरी हों और राजधानी क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सके।
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