केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और संचालन तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने वाली है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और हर स्तर पर मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील मार्गों की पहचान, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
और पढ़ें: अमित शाह 9 जून को लॉन्च करेंगे एलपीएमएस, भारत के सीमा प्रबंधन में तकनीकी क्रांति की शुरुआत
इसके साथ ही पुलिस ने यात्रा मार्ग पर काम करने वाले श्रमिकों और विक्रेताओं की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए QR कोड आधारित “पहचान ऐप” भी लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से सभी कर्मियों का सत्यापन तेजी से और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीकी पहल यात्रा मार्ग पर अवैध गतिविधियों को रोकने और सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
सरकार का उद्देश्य इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
और पढ़ें: सीमा सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए अमित शाह का बहु-राज्यीय दौरा शुरू