केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम और नागालैंड के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते (MoU) की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम देश में तेल और प्राकृतिक गैस अन्वेषण की संभावनाओं को और मजबूत करेगा।
समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि यह पहल केंद्र सरकार, असम और नागालैंड—तीनों के लिए “विन-विन स्थिति” (Win-Win Situation) पैदा करती है। उन्होंने इस अवसर पर “राष्ट्र प्रथम” की भावना पर भी जोर दिया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें इस तरह के समझौतों के माध्यम से प्रभावी रूप से उपयोग में लाया जा सकता है।
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अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ मिलकर विकास और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलें।
इस त्रिपक्षीय समझौते को विशेषज्ञ पूर्वोत्तर भारत में ऊर्जा अन्वेषण और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। इससे तेल और गैस क्षेत्र में नई परियोजनाओं के रास्ते खुलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी इस समझौते को क्षेत्रीय सहयोग और विकास के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। माना जा रहा है कि इससे असम और नागालैंड के बीच समन्वय और मजबूत होगा और ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा।
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