ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सोमवार को अपने पद और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और प्रमुख नेताओं का समर्थन खोने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। स्टारमर अगले नेता के चुने जाने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे और सितंबर तक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर भावुक संबोधन में कीर स्टारमर ने कहा कि उनकी पार्टी अब यह सवाल उठा रही है कि क्या वह आगामी आम चुनाव में नेतृत्व के लिए उपयुक्त हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी की राय का सम्मान करते हैं और देशहित में लिया गया हर निर्णय सर्वोपरि रहा है।
स्टारमर के इस्तीफे के बाद अब ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री को लेकर दौड़ तेज हो गई है। इस दौड़ में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम सबसे आगे माने जा रहे हैं। हाल ही में हुए उपचुनाव में जीत के बाद वह फिर से चर्चा में आए हैं और उन्होंने खुद भी नेतृत्व की दौड़ में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
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पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग सहित कई वरिष्ठ लेबर नेताओं ने भी एंडी बर्नहैम का समर्थन किया है, जिससे उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना और मजबूत हो गई है।
एंडी बर्नहैम को लेबर पार्टी के भीतर पारंपरिक वामपंथी विचारधारा का समर्थक माना जाता है, जबकि स्टारमर ने पार्टी को केंद्र की ओर ले जाने की कोशिश की थी। इसी विचारधारात्मक अंतर को पार्टी में असंतोष की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
बर्नहैम ने “उत्तर के नेता” के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है और वह तीन बार ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर चुने जा चुके हैं। उन्हें “किंग ऑफ द नॉर्थ” भी कहा जाता है।
स्टारमर के इस्तीफे के साथ ब्रिटेन एक दशक में सातवें प्रधानमंत्री की ओर बढ़ रहा है, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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