हैदराबाद स्थित रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स Ltd ने अपने तीसरी तिमाही (Q3FY26) के वित्तीय नतीजे शेयरधारकों के साथ साझा किए। बीएसई एनालिटिक्स के अनुसार, कंपनी के स्टॉक ने पिछले एक साल में लगभग 95% रिटर्न दिया है, जबकि पिछले पांच वर्षों में यह रिटर्न 1885.97% रहा। शुक्रवार को दोपहर 12:47 बजे बीएसई पर स्टॉक 234.65 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो 2.61% या 6.30 रुपये गिरावट दर्शाता है। एनएसई पर यह 234.95 रुपये पर था, 2.43% या 5.85 रुपये कम होकर।
तीसरी तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन में कंपनी ने सालाना आधार पर 70% की वृद्धि के साथ कुल राजस्व 252 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 148 करोड़ रुपये था। समेकित EBITDA 33% बढ़कर 50.39 करोड़ रुपये हो गया, जबकि समेकित कर पूर्व लाभ 21% बढ़कर 31.57 करोड़ रुपये रहा। समेकित कर पश्चात लाभ (PAT) 25% बढ़कर 22.88 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 18.24 करोड़ रुपये था।
वहीं, व्यापक बाज़ार में कमजोरी का असर दिखा। शुक्रवार की शुरुआती ट्रेडिंग में बीएसई सेंसेक्स 883.4 अंक या 1.05% गिरकर 82,791.52 पर और एनएसई निफ्टी 262.60 अंक या 1.02% गिरकर 25,544.60 पर बंद हुआ। तकनीकी शेयरों में लगातार दबाव के कारण आईटी स्टॉक्स की गिरावट का असर दिखा।
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विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 108.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक भी 276.85 करोड़ रुपये के नेट खरीदार रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.16% गिरकर 67.41 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की मजबूत तिमाही प्रदर्शन और स्टॉक रिटर्न ने निवेशकों को आकर्षित किया, जबकि व्यापक बाज़ार वैश्विक और तकनीकी दबाव से कमजोर रहा।
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