असम के दक्षिणी कछार जिले में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की कथित रूप से क्षतिग्रस्त की गई प्रतिमा को प्रशासन ने बहाल कर दिया है। जिला अधिकारियों ने गुरुवार (26 फरवरी 2026) को इसकी पुष्टि की।
यह मामला उस समय सामने आया जब राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने कछार के जिला आयुक्त आयुष गर्ग को पत्र लिखकर लक्षीपुर कस्बे के पाइलापूल चौरंगी में स्थापित नेहरू प्रतिमा को कथित रूप से उखाड़े जाने की जांच की मांग की। सुष्मिता देव पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की प्रतिनिधि हैं, लेकिन वह कछार जिला मुख्यालय सिलचर की निवासी हैं।
अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रतिमा को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाया गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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जिला प्रशासन ने कहा कि प्रतिमा को हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही आवश्यक कदम उठाए गए और प्रतिमा को पुनः स्थापित कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब सामान्य है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी देखी गई। स्थानीय लोगों ने ऐतिहासिक हस्तियों की प्रतिमाओं के सम्मान और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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