असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने गोलाघाट जिले के कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री सरमा ने बाढ़ से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने राहत शिविरों का भी दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों ने शरण ली हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति "काफी गंभीर" बनी हुई है और सरकार प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाव अभियान में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद मिलनी चाहिए।
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असम में लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बचाव दल पूरी तत्परता से काम करें। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी जोर दिया।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
गोलाघाट दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार करने को कहा, ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
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