दिल्ली की विपक्ष नेता और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता अतीशी ने अपने सहयोगी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा से सवाल उठाया। अतीशी ने पूछा कि जब देश राष्ट्रीय संकट और एलपीजी गैस की गंभीर कमी से जूझ रहा है, तब सांसद राघव चड्ढा आम लोगों के मुद्दों पर आवाज क्यों नहीं उठा रहे।
अतीशी ने कहा कि सांसदों की जिम्मेदारी केवल पद संभालना नहीं है, बल्कि जनता के हित में संवैधानिक दायित्व निभाना भी है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे संकट के समय नेताओं का चुप रहना लोकतंत्र के लिए हानिकारक है और जनता की उम्मीदों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, “राघव चड्ढा को अपने सहयोगियों और पार्टी के भीतर भी आवाज उठानी चाहिए थी। जनता चाहती है कि उसके प्रतिनिधि हर कठिनाई में सक्रिय रहें और संवैधानिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें।”
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अतीशी ने यह भी बताया कि एलपीजी गैस की कमी ने लाखों परिवारों की जिंदगी प्रभावित की है, और ऐसे समय में सांसदों की चुप्पी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सांसद मिलकर जनता की समस्याओं को उजागर करेंगे और उनके समाधान के लिए कदम उठाएंगे।
अतीशी का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब चुने हुए प्रतिनिधि जनता के हित में काम करेंगे और किसी संकट के समय चुप नहीं रहेंगे।
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