पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिख गुरुओं की तस्वीरों के कथित अपमान से जुड़े वायरल वीडियो पर अपनी सफाई दी है। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाया जा रहा व्यक्ति वह खुद नहीं हैं और उन्हें राजनीतिक एवं धार्मिक रूप से बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनके खिलाफ तीन राजनीतिक पार्टियां एकजुट होकर काम कर रही हैं क्योंकि वे उनसे राजनीतिक मुकाबला नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है, उसने उनका मास्क पहनकर अभिनय किया है और यह पूरा वीडियो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
सीएम मान ने दावा किया कि यह वीडियो कनाडा में शूट किया गया है और इसमें सिख गुरुओं की तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को वे श्री अकाल तख्त साहिब को भी भेजेंगे ताकि इसकी जांच की जा सके और सच्चाई सामने आ सके।
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उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वीडियो के पीछे कौन लोग हैं, इसका वित्तपोषण किसने किया और इसे बनाने का उद्देश्य क्या था। उनके अनुसार, इस पूरी साजिश का मकसद उनकी छवि खराब करना है।
भगवंत मान ने कहा कि पिछले कुछ समय से लगातार फर्जी वीडियो वायरल कर उन्हें राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें बेअदबी कानून, पालकी साहिब पर लगने वाला टैक्स खत्म करना शामिल है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन पर आरोप लगे तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई और केवल उनके खिलाफ ही बोर्ड लगाने जैसी बातें क्यों की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और समय आने पर सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
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