दिल्ली सरकार और नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) राजधानी के भलस्वा लैंडफिल को हटाकर वहां एक नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य बाहरी राज्यों से आने वाली बसों को शहर के अंदर प्रवेश करने से रोकना और उन्हें दिल्ली की सीमा पर ही ठहराना है, ताकि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को कम किया जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत भलस्वा लैंडफिल को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और वहां आधुनिक बस टर्मिनल विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे मध्य और आंतरिक दिल्ली में ट्रैफिक दबाव कम होगा। एमसीडी ने इस साल के अंत तक कचरे के पहाड़ को काफी हद तक घटाने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद खाली हो चुकी जमीन का उपयोग विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
किन राज्यों को होगा लाभ
यदि भलस्वा में नया बस टर्मिनल बनता है, तो हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ से आने वाली बसों को वहीं रोका जा सकेगा। वर्तमान में इन राज्यों से आने वाली बसें कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डे पर भारी दबाव डालती हैं। नए टर्मिनल से कश्मीरी गेट पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
और पढ़ें: फरवरी की ठंडी शुरुआत: दिल्ली में तापमान गिरा, कश्मीर–हिमाचल में बर्फबारी; उत्तर भारत में रातें अपेक्षाकृत गर्म
प्रदूषण और ट्रैफिक में कमी की उम्मीद
दिल्ली सरकार और एमसीडी के बीच हुई हालिया बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। यदि योजना को मंजूरी मिलती है, तो इससे वायु प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि कम बसें शहर के भीतर प्रवेश करेंगी।
भलस्वा लैंडफिल हटाने का काम तेज
70 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला भलस्वा लैंडफिल 1994 से दिल्ली के लिए बड़ी समस्या रहा है। एमसीडी बायो-माइनिंग तकनीक से कचरा हटाने का काम कर रही है और दिसंबर 2026 तक इसे पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रतिदिन ड्रोन सर्वे से काम की निगरानी की जा रही है। अब तक करीब 4.5 एकड़ जमीन को मुक्त कराया जा चुका है।
और पढ़ें: दिल्ली के रामलीला मैदान के पास 0.195 एकड़ जमीन विवाद: फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद को लेकर क्या है पूरा मामला?