जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय सम्मेलन (नेशनल कॉन्फ्रेंस) के एक प्रमुख चुनावी वादे को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार की उस परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत केंद्र शासित प्रदेश के 2.23 लाख अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। यह वादा 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा किया गया था।
सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार की सिफारिश पर भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। यह योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना–यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (ULA) मॉडल के तहत लागू की जाएगी।
उपराज्यपाल ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाना है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर होते हैं और मुफ्त बिजली मिलने से उनके मासिक खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे न केवल उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ऊर्जा तक उनकी पहुंच भी सुनिश्चित होगी।
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एलजी सिन्हा ने यह भी कहा कि यह परियोजना जल्द ही जमीन पर लागू की जाएगी और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि लाभार्थियों को बिना किसी देरी के इसका फायदा मिल सके।
इस फैसले को जम्मू-कश्मीर की राजनीति और सामाजिक कल्याण के लिहाज से अहम माना जा रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे एक प्रमुख मुद्दा बनाया था और अब इसके क्रियान्वयन को लेकर केंद्र की मंजूरी मिलने से पार्टी को राजनीतिक मजबूती भी मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त बिजली जैसी योजनाएं न केवल गरीब परिवारों को राहत देती हैं, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा समानता सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
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