भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और लोकतांत्रिक विरोध की सीमाएं लांघने का आरोप लगाया। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र में ‘अराजकता का प्रतीक’ बताया।
बीजेपी की यह प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों के बाद आई, जिनमें अदालत ने सोमवार को राहुल गांधी के मार्च और शीर्ष अदालत परिसर में हुए प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था कि कोई भी न्यायपालिका पर दबाव नहीं बना सकता। अदालत ने संबंधित याचिकाओं पर नोटिस जारी किए, लेकिन स्पष्ट किया कि नोटिस जारी करने का अर्थ नेताओं के आचरण को सही ठहराना नहीं है।
‘प्रदर्शन का अधिकार असीमित नहीं’
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को अपरिपक्व, गैर-जिम्मेदार और संविधान की समझ से अनजान बताते हुए आलोचना की। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल संवैधानिक सीमाएं पार करने, नारेबाजी करने या अव्यवस्था फैलाने को उचित ठहराने के लिए नहीं किया जा सकता।
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भाटिया ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान वह वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने कहा कि अदालतों में न्याय दिया जाता है और उन्हें राजनीतिक प्रदर्शन का स्थल नहीं बनाया जाना चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस के कथित फैसले पर सवाल उठाया कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक विरोध प्रदर्शन ले जाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका देश की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और जनता का उस पर भरोसा है। उनके अनुसार, अदालतों को भीड़ के दबाव में लाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस पर संविधान के खिलाफ काम करने का आरोप
भाटिया ने कांग्रेस पर संविधान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और पार्टी की केरल इकाई के सत्यापित एक्स खाते पर की गई एक पोस्ट का हवाला दिया। उन्होंने संविधान में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लेख किया।
उन्होंने महिलाओं की गरिमा को लेकर भी कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। ‘पितृसत्ता खत्म करो’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का आचरण महिलाओं के अधिकारों पर उनके सार्वजनिक बयानों से मेल नहीं खाता। ये आरोप बीजेपी की ओर से लगाए गए हैं।
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