केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खतरनाक रसायनों और विस्फोटक पदार्थों की बिक्री तथा विज्ञापन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ता सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीपीए ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई शुरू की है।
यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत की जा रही है। सरकार को जानकारी मिली थी कि कुछ ई-कॉमर्स और व्यापारिक वेबसाइटों पर प्रतिबंधित और नियंत्रित रसायनों की खुलेआम बिक्री की जा रही है। जिन प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है उनमें इंडिया मार्ट, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, डायल4ट्रेड और एक्सपोर्टर्सइंडिया जैसी वेबसाइटें शामिल हैं।
सीसीपीए की जांच के दायरे में जिन पदार्थों को रखा गया है उनमें अमोनियम नाइट्रेट, गन पाउडर, पिक्रिक एसिड और पेंटा एरिथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट (पीईटीएन) शामिल हैं। ये सभी पदार्थ विस्फोटक और अत्यधिक खतरनाक श्रेणी में आते हैं तथा इनके उपयोग और बिक्री को लेकर देश में कड़े कानून लागू हैं।
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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, सीसीपीए ने संबंधित प्लेटफॉर्मों को नोटिस जारी कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं। इनमें विक्रेताओं की पहचान, लाइसेंस संबंधी दस्तावेज, खरीदारों के सत्यापन की प्रक्रिया, बेची गई मात्रा, आयात संबंधी जानकारी और नियामकीय मंजूरी से जुड़े विवरण शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कई खतरनाक रसायनों की ऑनलाइन बिक्री बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के की जा रही थी। कुछ उत्पाद ऐसे भी पाए गए जो नियंत्रित या प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं, लेकिन फिर भी वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध थे।
सीसीपीए ने स्पष्ट कहा है कि डिजिटल मध्यस्थों और ई-कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी संवेदनशील या खतरनाक उत्पाद की बिक्री से पहले सभी कानूनी और नियामकीय नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
कार्रवाई के तहत सीसीपीए ने पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) के साथ भी बैठक की और खतरनाक पदार्थों से जुड़े नियामकीय ढांचे की समीक्षा की। ई-कॉमर्स कंपनियों से प्राप्त विक्रेताओं की जानकारी आगे की जांच और कार्रवाई के लिए पीईएसओ को सौंप दी गई है।
सरकारी हस्तक्षेप के बाद कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने खतरनाक रसायनों और विस्फोटक पदार्थों से जुड़े उत्पादों की लिस्टिंग हटानी या सीमित करनी शुरू कर दी है। सरकार ने कहा कि यह कदम सुरक्षित डिजिटल बाजार सुनिश्चित करने और खतरनाक पदार्थों की अनधिकृत पहुंच रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
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