पिछले तीन वर्षों के दौरान देश के केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार (2 फरवरी, 2025) को संसद को बताया कि इस अवधि में केंद्रीय विश्वविद्यालयों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT), भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIIT) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NIT) में “मिशन मोड” के तहत कुल 28,639 पद भरे गए हैं।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इन भरे गए पदों में शिक्षण (फैकल्टी) और गैर-शिक्षण (नॉन-फैकल्टी) दोनों श्रेणियों के पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों में सामाजिक समावेशन को भी ध्यान में रखा गया है। कुल भरे गए पदों में से 12 प्रतिशत यानी 3,485 पद अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरे गए। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवारों को 5 प्रतिशत यानी 1,471 पद मिले हैं। इसके अलावा, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों ने 21 प्रतिशत यानी 6,013 पदों पर नियुक्ति पाई है।
राज्य मंत्री (शिक्षा) सुकांत मजूमदार ने यह जानकारी एक प्रश्न के लिखित उत्तर में संसद को दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाया, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और छात्रों को पर्याप्त संख्या में शिक्षक और सहायक स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके।
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सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से न केवल शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और प्रशासनिक कामकाज को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, आरक्षण नीति के तहत विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित कर उच्च शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
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