छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरकारी स्कूलों में आयोजित एक अंग्रेज़ी परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कक्षा 4 की अर्धवार्षिक परीक्षा में पूछे गए एक बहुविकल्पीय प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के तौर पर ‘राम’ शब्द शामिल किए जाने के बाद विरोध और नाराज़गी देखने को मिली।
यह परीक्षा बुधवार (7 जनवरी 2026) को आयोजित की गई थी। प्रश्न में छात्रों से ‘मोना के कुत्ते का नाम’ पहचानने को कहा गया था। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे — ‘बाला’, ‘शेरू’, ‘नो वन’ और ‘राम’। जैसे ही यह सवाल सामने आया, इसे लेकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन चंद्राकर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रश्न को तैयार करने वालों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की। उनका कहना था कि परीक्षा में इस तरह के सवाल पूछना अनुचित है और इससे धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचती है।
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विवाद बढ़ने के बाद गुरुवार (8 जनवरी) को जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने इस मामले पर खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रश्न का चयन कर उसे छपाई के लिए भेजा गया था, लेकिन छपाई के दौरान प्रश्नपत्र में बदलाव हो गया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्रों की गोपनीयता के कारण यह मामला परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र खुलने के बाद ही सामने आ सका। जैसे ही विभाग को इसकी जानकारी मिली, संबंधित विकल्प को तत्काल हटा दिया गया और उसकी जगह नया विकल्प शामिल किया गया।
DEO ने बताया कि विभाग ने संबंधित प्रिंटिंग एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा है और यह जांच करने को कहा है कि प्रश्नपत्र में बदलाव कैसे हुआ। उन्होंने दोहराया कि किसी भी प्रकार से धार्मिक भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था और भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा।
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