इंटरनेट और दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में चीन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। चीनी शोधकर्ताओं ने दुनिया की पहली 3-लेन ऑप्टिकल फाइबर तकनीक विकसित की है, जो मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक गति से डेटा ट्रांसफर करने में सक्षम बताई जा रही है।
आज के डिजिटल युग में इंटरनेट की मांग लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े डेटा के उपयोग के कारण हाई-स्पीड इंटरनेट की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में चीन की यह नई तकनीक इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई 3-लेन ऑप्टिकल फाइबर तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए नए केबल बिछाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे मौजूदा फाइबर नेटवर्क के साथ ही इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे नेटवर्क अपग्रेड करने की लागत और समय दोनों में कमी आएगी।
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ऑप्टिकल फाइबर सामान्यतः प्रकाश संकेतों के माध्यम से डेटा का संचार करता है। नई तकनीक में डेटा ट्रांसमिशन के लिए तीन स्वतंत्र लेन या चैनलों का उपयोग किया गया है, जिससे एक ही फाइबर के भीतर अधिक मात्रा में डेटा एक साथ भेजा जा सकता है। यही कारण है कि इसकी डेटा ट्रांसफर क्षमता पारंपरिक ऑप्टिकल फाइबर की तुलना में कई गुना अधिक बताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तकनीक को व्यावसायिक रूप से भी लॉन्च कर दिया गया है। यदि यह बड़े पैमाने पर सफल साबित होती है, तो भविष्य में इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता और गति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह नवाचार 5जी, 6जी, स्मार्ट सिटी, स्वायत्त वाहनों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। चीन की यह उपलब्धि वैश्विक दूरसंचार उद्योग में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है।
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