संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के आठ सवालों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्य परीक्षा से कुछ दिन पहले केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने इन सवालों को चुनौती देने वाली याचिका पर यूपीएससी को नोटिस जारी किया है। यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 21 अगस्त से प्रस्तावित है।
याचिकाकर्ता सचिन तिवारी और दो अन्य अभ्यर्थियों ने सामान्य अध्ययन पेपर-1 के सेट A में सवाल संख्या 7, 11, 45, 60, 62, 82, 86 और 96 पर आपत्ति जताई है। अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता शांतनु जुगतावत मामले की पैरवी कर रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि सवाल संख्या 7, 45, 60, 82, 86 और 96 की उत्तर कुंजी उपलब्ध तथ्यों और सामग्री से मेल नहीं खाती। वहीं, सवाल संख्या 11 और 62 के लिए दिए गए चारों विकल्पों को उन्होंने तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।
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अभ्यर्थियों के अनुसार, विवादित सवालों के कारण गलत उत्तरों पर मिलने वाली नकारात्मक अंक कटौती 16 से अधिक अंकों तक प्रभावित कर सकती है। इससे सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए जरूरी कटऑफ पार करने वाले उम्मीदवारों की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
याचिकाकर्ताओं ने कैट से यह भी मांग की है कि यूपीएससी को उत्तर कुंजी पर दर्ज आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया सार्वजनिक करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि आयोग ने विवादित सवालों को सुधार के लिए स्वीकार किया या खारिज किया।
मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
मुख्य परीक्षा के लिए जरूरी निर्देश
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र साथ ले जाना अनिवार्य होगा। पहचान के लिए पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र जैसे सरकारी फोटो पहचान पत्र भी साथ रखने की सलाह दी गई है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और पेजर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में प्रतिबंधित हैं।
अभ्यर्थी अपना मुख्य परीक्षा प्रवेश पत्र यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से यूआरएन और पासवर्ड के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के बाद उसका प्रिंट सुरक्षित रखना जरूरी है।
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